TRENDING

Tuesday, 7 April 2015

बजते सितारो से मीठी पुकारो

 तेरी छाया में मेरे चरणो मे मग्न हो बैठू तेरे भक्तो में




तेरी छाया में मेरे चरणो मे मग्न हो बैठू तेरे भक्तो में
तेरे दरबार में खुशी मिलती है जिन्दगी मिलती है रोतो को हंसी मिलती है तेरे दरबार में ।
एक अजब सी तन मन पे छाती है हर दिन सुबह तेरे गीत गाती है ,
बजते सितारो से मीठी पुकारो से गुंजे जहां सारा तेरे जय जयकारो से ।
मस्ती में झुमे तेरा दर चुमे तेरे चारो तरफ दुनिया ये घुमे ,
ऐसी मस्ती भी भला कहा मिलती है ।
तेरे दरबार में खुशी मिलती ..............
ओ मेरी शेरावाली मां तेरी हर बात अच्छी है -2 करणी पुरी है माता मेरी सच्ची है ।
सुख दुख बताती हे अपना बनाती है , मुश्किल में हो बच्चे तो मां ही काम अाती है ।
रक्षा करती है भक्त अपने की बात सच्ची करती उनके सपनो की
सारी दुनिया की दौलत यही मिलती है ।
तेरे दरबार में खुशी मिलती है .........
रोता हुआ आये जो हंसता हुआ जाताहै मन की मुरादो को वो पाता हुआ जाता है ।
किस्मत के मारो को , रोगी बिमारो को , कर दे भला चंगा मेरी मां अपने दुलारो को ।
पाप कट जाये , चरण छुने से , महकती है दुनिया , मां के धुने से ।
फिर तु मां ऐसी , कभी क्या , कही मिलती है जिन्दगी मिलती है रोतो को ।
तेर दरबार में मईया खुशी मिलती है ।

Post a Comment

 
Back To Top