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Tuesday, 24 March 2015

रेहमत बरसा देना तू फागुन आया है

            रेहमत बरसा देना तू फागुन आया है



रेहमत बरसा देना तू फागुन आया है
गंगा के जल को लाने का मौसम आया है

कंधे पे उठा के जल चलते ही जाना है,
जल को ले जा के शिवलिंग पे चढ़ाना है
शिव के द्वारे पे सारा संसार आया है

भोले बाबा तेरी यह जुदाई सही जाए ना
बिन तुझको देखे भोले मुझको चैन आये ना
आजाना तू मेरे पास आया मैं दरबार में
कितनी रात गुजारी है तेरे इंतज़ार में
कैसे बताऊँ ओ भोले नाथ मेरे
मैंने श्रद्धा और मन से तुम्हे ध्याया है
सब कुछ छोड़ के आया मैं, फागुन आया है

भक्ति का नशा यह भोले मन में मेरे छाया है
जो भी आज हूँ मैं, भोले सारी तेरी माया है
अँखियाँ कब से तरस रहीं थी तेरे इस दीदार को
आया तेरे चरणो में, भोले मुझको प्यार दो
अब न कभी तू मुझसे होना जुदा
बड़ी मुश्किल से भोले तुझे पाया है
खुशीआं बरसादेना तू, फागुन आया है

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