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Tuesday, 24 March 2015

राम भजन कर मन

                                                 राम भजन कर मन


राम भजन कर मन,
ओ मन रे कर तू राम भजन।

सब में राम, राम में है सब,
तुलसी के प्रभु, नानक के रब्ब।
राम रमईया घट घट वासी,
सत्य कबीर बचन॥

राम नाम में पावत पावन,
रवि तेज्योमय चन्द्र सुधा धन।
राम भजन बिन ज्योति ना जागे,
जाए ना जीय की जरन॥

नाम भजन में ज्योति असीमित,
मंगल दीपक कर मन दीपित।
सकल अमंगल हरण भजन है,
सकल सुमंगल करन॥

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